आवास योजनाओं की समीक्षा

*आवास योजनाओं की समीक्षा*
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गया : बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविन्द चौधरी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में कई प्रखंडों में अच्छी प्रगति पायी गई जबकि कई प्रखंडों में धीमी प्रगति पायी गयी।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गया जिला के लिए 51 हजार 342 आवास निर्माण करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके विरुद्ध 42 हजार 667 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 41हज़ार 01 आवेदकों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किश्त की राशि निर्गत की गयी थी अब तक 13 हजार 414 आवास पूर्ण कराए गए हैं। समीक्षा में पाया गया कि लगभग 10 हज़ार लाभुकों को द्वितीय किश्त की राशि देय है। सचिव, ग्रामीण विकास विभाग ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को 10 दिनों के अंदर 10000 लाभुकों को जिन्हें द्वितीय किस्त मिलनी है उन्हें प्रदान कर देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बालू और ईंट की अब कोई समस्या नहीं है। इसलिए प्रथम किस्त और द्वितीय किस्त में जो अंतर है उसे 1 सप्ताह के अंदर लाभुकों देकर कम कर लें।
बैठक में वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015 -16 तक के इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत लंबित आवास निर्माण की भी समीक्षा की गई और पाया गया कि जिले में 26,997 आवास अपूर्ण है, जबकि 33,996 लाभुकों को प्रथम किश्त की राशि निर्गत की गई थी, इन आवासों को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को दी गयी। उन्हें निर्देश दिया गया कि यदि अयोग्य लाभुक हैं तो उन्हें नोटिस देकर उनसे वसूली की कार्रवाई करें और जो योग्य लाभुक है उन्हें अगली किस्त की राशि प्रदान किया जाए।बैठक में मनरेगा योजना की भी समीक्षा की गई तथा सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को मस्टर रोल अपडेट करने का निर्देश दिया गया। सचिव ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि 56 प्रतिशत मस्टरोल ही कंपलीट पाया गया है, जिसमें बाराचट्टी और वजीरगंज की स्थिति सबसे खराब है। उन्होंने सभी प्रोग्राम पदाधिकारी को अविलंब मस्टरोल अपडेट करवा लेने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि टिकारी, कोच एवं मोहनपुर प्रखंड की स्थिति अच्छी है जबकि टनकुप्पा और फतेहपुर की स्थिति अभी भी अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा क्षेत्र स्तर पर ठीक से पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है। कई प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने मुख्यालय में नहीं रहते हैं। जब तक प्रखंड विकास पदाधिकारी सही नेतृत्व नहीं करेंगे तब तक योजना में प्रगति नहीं दिखेगी। उन्होंने प्रखंड मुख्यालयों में आवास एवं भवन की समस्या से भी सचिव, ग्रामीण विकास विभाग को अवगत कराया। खुले में शौच मुक्त अभियान की प्रगति 82 प्रतिशत बताई गई। उन्होंने कहा कि बथानी प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की प्रगति सबसे अच्छी हुई है।
उप विकास आयुक्त किशोरी  चौधरी द्वारा आवास योजना के संबंध में सभी प्रखंडों की स्थिति से सचिव, ग्रामीण विकास को अवगत कराया गया तथा उन्हें कर्मियों की कमी होने की भी जानकारी दी। संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास विभाग श्री कँवल तनुज ने रिक्त पदों के रोस्टर क्लियर करवा कर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक संतोष कुमार, सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड प्रोग्राम पदाधिकारी, आवास योजना से संबंधित पदाधिकारी तथा जिला जल स्वच्छता समिति के पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

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