गया में जल शक्ति और पौधारोपण मुहिम

गयावासियों से पांच पांच पेड़ लगाने का आह्वान
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पर्यावरण को दुरूस्त करने की पहल

गया में जल शक्ति और पौधारोपण मुहिम
गया में जल शक्ति और पौधारोपण मुहिम
चलाये हैं डीएम अभिषेक सिंह
गया : जिलाधिकारी अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में शहर के गणमान्य व्यक्ति, बैंकर्स, एनजीओ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियो, कॉलेज के प्राचार्य एवं विभिन्न संगठन के लोगों के साथ जल शक्ति अभियान के अंतर्गत पौधारोपण एवं जल संरक्षण हेतु बैठक की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि गया आपका और आपके बच्चों का है, पदाधिकारी आएंगे और चले जाएंगे। इसलिए गया के बारे में सबसे ज्यादा आपको सोचना है। विगत वर्षों में जिस तरह से गया में जल संकट रहा है और यह बढ़ता ही जा रहा है। उससे बचाव के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। गया जिले के कई क्षेत्रों में जल स्तर काफी नीचे चला गया है, सरफेस वाटर में लगातार कमी देखी जा रही है। इस वर्ष तपोवन का गर्म जलधारा भी सूख गया। यह चिंता का विषय है।
गया में जल शक्ति और पौधारोपण मुहिम
 जल शक्ति और पौधारोपण
का टिप्स देते डीएम
चेन्नई, मराठावार एवं कई स्थानों पर पानी की भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है। उनको देखते हुए भारत सरकार द्वारा जल शक्ति अभियान की शुरुआत की गई है। गया में हम लोगों के द्वारा फरवरी-मार्च से ही इस पर चर्चा की जा रही थी। उन्होंने कहा कि गया जिला में 20 लाख पौधारोपण करने की योजना बनाई गई है जिनमें वन विभाग द्वारा सभी सड़कों के किनारे, सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा 4 लाख पौधारोपण तथा सभी सरकारी विभागों के परिसर में पौधारोपण कराना शामिल है। हमारे पास नदियां नहीं है, जलाशय नहीं है। हम वर्षा के पानी और भू गर्भ जल पर निर्भर हैं। वर्षा का पानी बहकर चला जाता है, उसका संचय करना आवश्यक है। साथ ही हर व्यक्ति अपने भवन परिसर में पेड़ लगा सकते हैं। वृक्ष की कमी भी इसके कारणों में से एक हैं। इस अभियान में आपसी भाईचारा दिखाने की जरूरत है, जिस तरह का जोश और भाईचारा पितृपक्ष, रामनवमी एवं मोहर्रम के अवसर पर देखा जाता है। वही जोश और भाईचारा पौधारोपण में भी दिखाना होगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसा परिसर चुन सकते हैं जिसमें चहारदीवारी है या जहां चहारदीवारी नही है वहां भी पौधारोपण कर सकते हैं लेकिन पौधों की सुरक्षा करनी होगी।
गया में जल शक्ति और पौधारोपण मुहिम
डीएम अभिषेक सिंह का पौधारोपण मुहिम
उन्होंने कहा कि इसे आप अपने संसाधन से करें। गया कि जनता आगे आकर बताएं कि हम हर घर से पांच पौधे लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति या संस्था 500 से ज्यादा पौधा लगाएंगे उन्हें सम्मानित किया जायेग। इसके अतिरिक्त जो संस्था/संगठन/व्यक्ति जिला में सबसे अधिक पौधा लगाएंगे उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अविवादित परिसर है तो वहां पेड़ लगावें। वैसे पौधे लगावें जो अगले 5 साल के बाद हमें रिटर्न दे सके। उन्होंने सड़क के किनारे पौधा लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत एक हरित कोष गया बनाया गया है। इस कोष में कोई भी व्यक्ति दान दे सकते हैं। इस कोष का उपयोग वृक्षारोपण में किया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष गया में हीट स्ट्रॉक का प्रभाव देखा गया जो आश्चर्यजनक था। उस समय जितना तापमान गया में था उससे अधिक तापमान अन्य जिलों में भी था, लेकिन वहां हीट स्ट्रॉक नहीं हुआ क्योंकि वहां भूगर्भ जल था, धारातलीय जल था और पेड़ पौधे थे, जो गया के उन क्षेत्रों में नहीं पाया गया जहां इसका कुप्रभाव दिखा। उन्होंने कहा कि जल संचय भी महत्वपूर्ण है। बिहार का मॉडल नल जल योजना पूरे देश में लागू होने जा रहा है। भूगर्भ जल को रिचार्ज करने के लिए आप अपने स्तर से उपाय कर सकते हैं। वर्षा के दिनों में अपके छतों पर पानी जमा होता है उस पानी का संचय टैंक बनाकर कर सकते हैं। जिसका प्रयोग आप अपने दैनिक कार्य में कर सकते हैं। यदि नहीं तो सॉक पिट बना सकते हैं। जिससे भूगर्भ जल रिचार्ज होता रहेगा। प्रायः देखा जा रहा है कि जल संकट ज्यादा तर शहरों में ही आया है। हमारे वाटर बॉडी (तालाब, झील) में पानी वर्षा से आता है और अन्य स्रोतों से भी आता है। लेकिन कुछ कारणवश अन्य स्रोतों से पानी का आना बंद हो गया है, जिसे हमें देखना होगा। लेकिन इस अभियान को हमें शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में चलाना होगा और यह केवल सरकारी तंत्र से संभव नहीं है। इसके लिए जन आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सारे जलाशय का नंबरिंग कराना होगा। यह भी सोचना होगा कि किचन और बाथरूम से निकलने वाला पानी जिसे हम ग्रे वाटर कहते हैं उसका कैसे यूज किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर कार्य की शुरुआत कहीं न कहीं से होती है क्यों न हम उसे गया जिला से शुरू करें। जिलाधिकारी ने बताया कि जलशक्ति अभियान के नोडल पदाधिकारी निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण,गया को बनाया गया है तथा उप विकास आयुक्त को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है। जो व्यक्ति/संस्था इस अभियान में अपना योगदान देना चाहते हैं, वे इनसे संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर जलशक्ति अभियान के वरीय पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त किशोरी चौधरी ने कहा कि जल शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संस्थाओं का आह्वान किया उन्होंने कहा कि जिला के सभी संस्थाओं के साथ इस संदर्भ में वार्ता चल रही है। गया के सभी 332 पंचायत के मुखिया जी अपने संसाधनों से पांच – पांच सौ पेड़ लगाएंगे। जिला परिषद के सभी सदस्य अपने संसाधन से दो-दो सौ पेड़ लगाएंगे। जिला के सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा 4 लाख पौधारोपण की योजना बनाई गई है। वन विभाग एवं सरकारी विभाग/संस्थानों द्वारा अपने अपने परिसर में पौधारोपण कराया जाएगा इस प्रकार कुल 20 लाख पौधारोपण कराने की योजना जिला प्रशासन की है। बैठक में सीआरपीएफ के कमांडेंट ने अपने संसाधन से 5000 पौधे लगवाने का निर्णय लिया। बैठक में समाजसेवी शिव बचन सिंह, मणिलाल बारिक, रोटरी क्लब गया के प्रेसिडेंट ने अपने अपने सुझाव रखे। इस बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, जिला शिक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मुस्तफा हुसैन मंसूरी,नाजरत एकेडमी के प्राचार्य नंदिनी सिन्हा, मो0 मोती करीमी, अमरनाथ ढोकरी, लालजी प्रसाद, नगर विकास परिषद के महासचिव, सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट, निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, प्राचार्य गया कॉलेज, प्राचार्य अनुग्रह नारायण कॉलेज, मोहम्मद आहिया, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष मुनेश्वर सिंह तथा अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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