स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुँचाना प्राथमिकता : डीएम

 गया : जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक और अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से बैठक की गई। 

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    बैठक में जिला पदाधिकारी गया ने उपस्थित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, हेल्थ मैनेजर, सिविल सर्जन को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा आमजन तक पहुंचाने हेतु हमेशा तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि मरीज आपके अस्पताल में असहाय होकर इस आशा में आते हैं कि उनका समुचित इलाज होगा तथा वे शीघ्र ठीक हो जाएंगे। आप सबों को उनके विश्वास पर खरे उतरने की कोशिश करनी चाहिए। अगर किसी मरीज का इलाज सही ढंग से नहीं किया जाए तो संबंधित मरीज में सरकारी अस्पताल के प्रति असंतोष तथा दुर्भावना उत्पन्न होती है। अतः जिले के समस्त चिकित्सकों, पारा मेडिकल स्टाफ को चाहिए कि वे उनके अस्पताल में आए हुए मरीजों का तत्परता से इलाज करें ताकि मरीज अति शीघ्र ठीक होकर अपने घर जाएं और सरकारी अस्पताल तथा चिकित्सा कर्मियों के प्रति उनके मन में आदर का भाव जागे।

    जिला पदाधिकारी द्वारा आज सरकार के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इन कार्यक्रमों में कोविड-19 के टीके को आगामी समय में स्वास्थ्य कर्मियों यथा एएनएम, आशा वर्कर्स, पारा मेडिकल स्टाफ, चिकित्सकों इत्यादि पर लगाने हेतु उनकी विवरणी को 26 नवंबर तक जमा करने का निर्देश दिया गया है साथ ही निजी स्वास्थ्य संस्थानों के कर्मियों को भी कोविड-19 के टीके लगाने हेतु उनकी विवरणी को भी 30 नवंबर तक जमा कराने का निर्देश दिया गया है ताकि सरकार के निर्णय अनुसार कोविड-19 के टीके को आगामी दिनों में सर्वप्रथम हेल्थ वर्कर को  सुविधा मिल सके।

    जिला पदाधिकारी ने बैठक में उपस्थित चिकित्सकों, बी०एच०एम० सहित अन्य कर्मियों से कहा कि कोविड-19 से संबंधित कार्यों को आपने बहुत ही अच्छे तरीके से किया है। अब सरकार की प्राथमिकता वाले स्वास्थ्य सेवाओं के कार्यों को तत्परता से करें। उन्होंने कहा कि जो कर्मी कोताही बरतेगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कोविड-19 के टेस्टिंग में और तेजी लावे तथा जिन मरीजों को पॉजिटिव लक्षण हो उनके समस्त परिवारों को सैंपल जांच त्वरित किया जाए। अगर कोई व्यक्ति सैंपल जांच लेने में परेशानी करें तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

   बैठक में एनआईडी परफारमेंस रिपोर्ट के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। अब तक 680 टेबलेट का वितरण किया गया है तथा 94% उपलब्धि प्राप्त की गई है। इस कार्य में फतेहपुर, इमामगंज, कोच, मोहनपुर, गुरारू इत्यादि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कम उपलब्धि होने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित से स्पष्टीकरण पूछने एवं 30 नवंबर तक लॉगिन कराने का निर्देश दिया।

    बैठक में निर्देश दिया गया कि सरकार की महत्वकांक्षी आयुष्मान भारत योजना की उपलब्धि को और अधिक बढ़ाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इस पर तत्परता से कार्य किया जाए ताकि गया जिला के परफॉर्मेंस में और अधिक सुधार हो सके। 

      जिला पदाधिकारी ने कहा कि हेल्थ सब सेंटर एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पूरा ध्यान दिया जाए ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों पर काम का बोझ कम हो सके। उन्होंने कहा कि हेल्थ सब सेंटर एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 नवंबर तक पूरी तरह फंक्शनल किया जाए साथ ही 15 दिसंबर तक इन स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कार्य को पूरी तरह किया जाए।

     बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि अगर किसी मरीज को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एडीएम वीजिलेंश की अध्यक्षता में सरकारी अस्पतालों में सही काम एवं मरीजों का समुचित इलाज त्वरित गति से कराया जाए इसे सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया ।मरीजों की भर्ती, दवा, इलाज तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधा मिलने में विलंब होने पर तथा अस्पताल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों में किसी तरह का लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

   बैठक में जिला पदाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया कि 60 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति जो कोरोना पॉजिटिव पाए जाएंगे उन्हें इंस्टीट्यूशनल आइसोलेशन में ही रखा जाएगा। किसी भी हालत में उन्हें होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार एवं आसाम राज्य पूरे देश में कोविड-19 को लेकर बेहतर स्थिति में है। आगे भी बेहतर स्थिति को कायम रखने के उद्देश्य से गया जिला अगले 15 दिनों तक हाईएस्ट प्रायरिटी के साथ कोविड-19 वैश्विक महामारी के बचाव कार्य में पूरी तत्परता के साथ कार्य करें। बैठक में बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में आए हुए मरीज को जांच करने के पूर्व उनका कोविड-19 सैंपल जांच कराई जाए उसके उपरांत ही ओपीडी की सेवा मरीजों को दी जाए। सैंपल कलेक्शन के दौरान संबंधित मरीजों का नाम पता एवं मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्राप्त करें ताकि कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग के समय आसानी हो सके। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट एवं बस स्टैंड पर भी रेंडमली कोविड-19 सैंपल टेस्टिंग की व्यवस्था कराएं।

   आशा का इंसेंटिव पेमेंट की समीक्षा में बताया गया कि आशा का इंसेंटिव संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखंड हेल्थ मैनेजर द्वारा इंसेंटिव का भुगतान नहीं किया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा पूर्व में भी निर्देश दिया था कि वैसे प्रखंड हेल्थ मैनेजर जो संबंधित आशा का इंसेंटिव पेमेंट नहीं करेंगे तब तक प्रखंड हेल्थ मैनेजर का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि कुछ एमओआईसी द्वारा प्रखंड हेल्थ मैनेजर का सैलरी भुगतान करा दिया है। जिला पदाधिकारी ने संबंधित एमओआईसी को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि बिना आशा का इंसेंटिव दिए बगैर कैसे प्रखंड हेल्थ मैनेजर को वेतन चालू किया गया है। संबंधित एमओआईसी से स्पष्टीकरण की मांग की गई।

     जिला पदाधिकारी द्वारा पल्स पोलियो की समीक्षा के क्रम में आंगनवाड़ी वर्कर को और अधिक सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि आगनवाड़ी को पल्स पोलियो अभियान में किसी प्रकार की कोताही नहीं करनी चाहिए। अगर इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो उन्हें हटाने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

    उन्होंने प्रखंड स्तर पर इवनिंग ब्रीफिंग में आवश्यक रूप से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीडीपीओ सहित अन्य कर्मी को उपस्थित होने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, सैनिटाइजेशन, हेल्थ केयर का काम धरातल पर दिखना चाहिए।

    बैठक में टीवी उन्मूलन अभियान की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि 687 में से 521 का लक्ष्य प्राप्त किया गया है, जो 76% है। अतरी, बेला, परैया इत्यादि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नोटिफिकेशन का कार्य बहुत धीमा है। इसे शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि जेपीएन अस्पताल तथा अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में टीबी की जांच हेतु सैंपल भेजना सुनिश्चित करें।

➖AnjNewsMedia

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