मंत्री, डा॰ प्रेम कुमार जुलाई, अगस्त और सितम्बर में कम वर्षा की स्थिति में खेत में लगी खरीफ फसलों की स्थिति जानने पहुॅचे फतेहपुर एवं टनकुप्पा, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियन्ता को बिजली आपूर्ती का समय बढ़ाने का दिया निदेश
डाॅ॰ प्रेम कुमार, मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार गया जिला के टनकुप्पा प्रखण्ड के ढ़ीबर, बरतरा, आरोपुर पंचायत के गाॅवों एवं फतेहपुर प्रखण्ड के पहाड़पुर, नौडीहा पंचायतों के किसानों से खरीफ में लगी धान, अरहर एवं मक्का की फसल की स्थिति को देखने पहुॅचे और किसानों से बातचीत कर उनकी खेती का हाल जाना। किसानों ने माननीय मंत्री को बताया कि टनकुप्पा एवं फतेहपुर प्रखण्ड में बिजली का आपूर्ती बहुत कम होने के कारण सिंचाई में कठिनाई हो रही है जिस कारण फसल का पटवन नहीं हो पा रहा है और फसल क्षति होने की संभावना बन गई है। मंत्री ने मौके से ही बिजली विभाग के कार्यपालक अभियन्ता को बिजली आपूर्ती के समय को बढ़ाने का निर्देश दिया और बिजली आपूर्ती से संबंधित सभी तकनीकी खराबियों को अविलम्ब दुरुस्त करने को कहा। प्रमण्डल के पाॅचों जिला गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा एवं औरंगाबाद में विधुत आपूर्ती की समीक्षा कर पटवन के लिये समुचित विधुत आपूर्ती कराने के लिये कहा।
मंत्री ने कहा कि इस वर्ष जून माह में मानसून समय पर आया और जून में गया जिला में औसत से 66 प्रतिशत अधिक बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे और धान की रोपाई का कार्य ससमय पूर्ण कर लिया गया और जिला के लिये निर्धारित आच्छादन के लक्ष्य 1 लाख 51 हजार हेक्टेयर को समय पर पूर्ण कर लिया गया। लेकिन जुलाई में औसत से 31 प्रतिशत कम और अगस्त में औसत से 22.7 प्रतिशत कम वर्षापात होने से खरीफ फसलों के लिये पटवन अनिवार्य हो गया है। किसान 27 सितम्बर से लगने वाले हथिया नक्षत्र की आषा लगाये हुये है यदि इस नक्षत्र में अच्छी वर्षा हो जाती है जो खरीफ की फसलों के साथ ही रबी की फसलों के लिये भी फायदे की स्थिति बन जायेगी। वर्षा नहीं होने की स्थिति में किसानों को पटवन के लिये बिजली की आवश्यकता होगी जिसके लिये बिजली विभाग के पदाधिकारियों को हर तकनीकी समस्या का निदान तत्परता से करना होगा। मंत्री ने किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ती करने के लिये कार्यपालक अभियन्ता को निर्देशित किया।
मंत्री के साथ पूर्व विधायक श्यामदेव पासवान, जिला परिषद सिकंदर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।