मुख्यमंत्री बिहार नीतीश कुमार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल-जीवन-हरियाली अभियान से संबंधित विस्तार से समीक्षा करते हुए जल-जीवन-हरियाली के विभिन्न अवयवों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवलोकन करते हुए आवश्यक निर्देश आयुक्त एवं जिला पदाधिकारी को दिए गए।
मुख्यमंत्री ने गया जिला में जल-जीवन-हरियाली से संबंधित शानदार कामयाबी पर जिला पदाधिकारी गया श्री अभिषेक सिंह एवं जिला प्रशासन गया को बधाई एवं शुभकामना दिया।
गया जिला द्वारा जल-जीवन-हरियाली से संबंधित 50% से अधिक कार्यों को पूर्ण कर के राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
साथ ही वन प्रमंडल द्वारा वृक्षारोपण के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री द्वारा बधाई एवं शुभकामना दिया।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि पृथ्वी दिवस के अवसर पर बिहार राज्य द्वारा 3.47 करोड़ पौधा लगाकर एक कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
उन्होंने निर्देश दिया कि पहाड़ों पर जल संचयन संरचना को बढ़ावा दें। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य स्तर के पदाधिकारीगण राजगीर जाकर पहाड़ के पानी के उपयोग हेतु बने जल संरक्षण संरचना का अवलोकन कर राज्य के अन्य पहाड़ी जिलों में भी वैसी संरचना के निर्माण को बढ़ावा दें।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित करावे ताकि पर्यावरण संरक्षित हो एवं विद्युत विपत्र में भी कमी हो।
मुख्यमंत्री द्वारा जल-जीवन-हरियाली अंतर्गत सूचना प्रबंधन प्रणाली एवं मोबाइल एप का उद्घाटन किया गया। इस मोबाइल ऐप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति 2 किलोमीटर के क्षेत्र के अंदर में बने जल-जीवन-हरियाली संबंधित संरचना का अवलोकन एवं विवरण प्राप्त कर सकता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला पदाधिकारी गया अभिषेक सिंह ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान से गया जिला को काफी लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि जिले के छह प्रखंड काफी हार्ड भूगर्भ के कारण जल की समस्या से प्रभावित रहते हैं। उन्होंने बताया कि बांकेबाजार, डुमरिया तथा गुरारू प्रखंड में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चेक डैम निर्माण किया गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जिले में वन विभाग द्वारा 37.2 लाख पौधे लगाए गए हैं। मनरेगा द्वारा 15 लाख पौधे तथा कृषि विभाग द्वारा 7046 एकड़ में जैविक खेती प्रारंभ किया गया है। 1876 आहर रिचार्ज बोरेबल कराया गया है।
उन्होंने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान से गया जिले में पानी का जल स्तर में 17 फीट की वृद्धि हुई है अर्थात अब पानी 26 फीट ऊपर आया है। जिले में शिक्षा विभाग द्वारा 739 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया गया है इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा 107 तथा अन्य विभाग 1024 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया गया है। जिले में नए जल स्रोत के रूप में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 598, कृषि विभाग द्वारा 161 तथा मत्स्य विभाग द्वारा 17 का निर्माण किया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 580 चेक डैम, वन विभाग द्वारा 666 तथा लघु जल संसाधन विभाग द्वारा 173 चेक डैम का निर्माण किया गया है।
चापाकल के किनारे ग्रामीण क्षेत्रों में 17612 सोख्ता का निर्माण कराया गया है तथा शहरी क्षेत्रों में 1445 सोख्ता का निर्माण कराया गया है।
5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लघु सिंचाई प्रमंडल गया द्वारा 39 तालाब/ पोखर का निर्माण तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 578 तालाब/ पोखर का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तालाब/ पोखर निर्माण में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त किया है। इसी प्रकार जिले में 2201 आहर, 3158 पइन, 2755 ग्रामीण कुआं तथा 78 शहरी कुआं का जीर्णोद्धार कराया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला पदाधिकारी गया अभिषेक सिंह द्वारा बताया गया की गया जिले में हरित गया कोष के माध्यम से शहरी क्षेत्र में पौधारोपण कराया गया है साथ ही जल चौपाल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है। पानी पंचायत द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया जिसमें वाटर मैन से विख्यात प्रोफेसर राजेंद्र सिंह का आगमन हुआ था, जिन्होंने जल संचयन हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया था। जिला पदाधिकारी ने बताया कि जल मित्रों को इस आयोजन में शामिल कर जल जीवन हरियाली अभियान को शिखर पर पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि 1.10 करोड पौधा नर्सरी जिले में है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण समिति को पानी पंचायत के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 26 सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा सिस्टम लगाया गया है साथ ही कई महत्वपूर्ण सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संस्थापन हेतु कार्य कराए जा रहे हैं। इस प्रकार 20% से अधिक बिजली की बचत हुई है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि बांके बाजार, गुरारू तथा नीमचक बथानी क्षेत्र के पहाड़ों के पानी को संरक्षित करने तथा भंडारी करने हेतु डीपीआर बनाया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आयुक्त मगध प्रमंडल गया असंगवा चुबा आओ, जिला पदाधिकारी गया अभिषेक सिंह, आरडीओ गया, जिला वन पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
-AnjNewsMedia