युवा नेता पर टिकी जनता की उम्मीद
गया : जिले के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों युवा नेता की चर्चा चौक- चौराहे पर हो रही है। क्योंकि युवा नेता क्षेत्र भ्रमण में दिन- रात। वक़्त दे रहे हैं, जिससे वोटरों के सहृदय बन चुके हैं। मतदाताओं के मूड बदल कर अपनी ओर वोट के लिए खींचने में कामयाब हो रहे हैं। सवाल वजीरगंज के विकास का है। मतदातागण विकल्प की तलाश में थे, वह विकल्प युवा नेता के रूप में मिला है। जो चुनावी माहौल के रूप में चौक- चौराहों पर सुर्खियों में शामिल है। वजीरगंज विधानसभा के दोनों जनप्रतिनिधियों के कार्य का आकलन जनता कर रही है। इसी समीक्षा के बीच एक नाम समाहित हो जाता है विकल्प के रूप में, वह नाम है चिंटूभैया। जो पहली बार चुनावी भाग्य आज़माने वजीरगंज विधानसभा से उतरने वाले हैं। क्षेत्र में सक्रियता के साथ जनसंपर्क में भीड़े हुए हैं। चुनावी सुर्ख़ियाँ इसी तरह लहरा रही है।
नई समीकरण के साथ चलना हीं विकल्प है, उत्थान का। क्योंकि युवा नेता क्षेत्र के विकास के लिए तत्तपर हैं। उतना तैय है कि युवा नेता से हीं वजीरगंज में विकास की क्रांति आएगी। वर्ना, सिर्फ वोट की राजनीति हुई है और होती रहेगी। बिल्कुल सुहाना वक़्त है, वजीरगंज को राजनैतिक ठगों से बच कर बदलाव लाने का।
जाहिर हो वजीरगंज की जनता ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार को बड़ी उम्मीद से वोट दी थी, परंतु वह विकास के मामले में खरे नहीं उतर सका। चंद लोगों की राजनीति में फँस कर रह गया। जिससे वजीरगंज विकास से वंचित रह गया। इस तरह विकास का सुहाना वक़्त गुज़र गया परंतु विकास नहीं हुआ। विकास के उम्मीद में देखते- देखते पाँच साल का कार्यकाल निकल गया और जनता मुँह ताकते रह गई। वहीं पाँच साल जदयू समर्थित प्रत्याशी को यहं की जनता बड़ी उत्साह के साथ वोट दी थी, विकास के लिए, उनकी जीत भी हुई परंतु विकास के मामले में फिसिड्डी निकले। जिससे जनता की उम्मीद टूट कर चकनाचूर हो गया। जिससे जनता में भारी रोष व्याप्त है। यहाँ के जनप्रतिनिधि जितनी वादा की थी, सब के सब झूठे निकले। वे वादों पर खरे नहीं उतर सके। यही वजह है कि जनता उन से मुँह मोड़ ली है। क्योंकि विकास के मामले में जनप्रतिनिधि के पास कोई जबाव हीं नहीं है। इस तरह झूठे वादे में उनका भी पाँच वर्ष का कार्यकाल गुज़र गया। वजीरगंज वहीं का वहीं है। वंचित वजीरगंज के तारणहार के रूप में युवा नेता इस पर चुनावी मैदान में होंगे।
नेताभैया तथा भैयाजी के उप नाम से सुर्खियों में हैं। जिन्हें लोग चहेता मान चुके हैं, समर्थकों ने वजीरगंज के भविष्य के रूप में उन्हें देखते हैं। जनसमर्थन से उनके चुनावी भाग्य का सितारा चमकने वाला है। जहाँ भी देखें, वजीरगंज के भविष्य युवा नेताभैया की चर्चा सुर्खियों में बना है। भारी जनसमर्थन उनके साथ है, जो वजीरगंज में विकास की गाथा रचने वाले है।
बदलते परिवेश में इतना तो तैय है कि युवा की राजनैतिक भागेदारी से क्षेत्र का विकास संभव होगा। युवा क्रांति का सूत्रधार होता है। वे चुनौती को स्वीकार करते हुए विकासात्मक राह पर चलता है। क्योंकि उसे विकास की नई गाथा रचनी पड़ती है। क्षेत्रीय होने का भी लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है।
ना जानूँ, अबकी पाँच साल का अवसर किसे मिलता है, जनता- जनार्द्धन तैय करेगी।
जनसंपर्क के जरीय वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में युवा नेताभैया की हवा बह रही है। देखना है वह पूर्वैया बयार कितनी कारगर होती है। क्योंकि वजीरगंज विधानसभा की जनता 10 साल खो चुकी है, वगैर कुछ हासिल किए हुए। राजनैतिक छलावे में एनडीए और महागठबंधन के विधायक के पाँच- पाँच वर्ष के कार्य काल देखा जा चुका है। अब विकास के झूठे वादे के परिणाम के तौर पर जनता मालिक हिसाब लगा रही है। वजीरगंज के नाराज मतदाताओं ने जनप्रतिनिधियों के आकलन में जुटे हैं। उक्त दोनों विधायक के कार्यकाल की समीक्षा ठगाई हुई जनता कर रही है।
इसी बीच वजीरगंज से युवा नेताभैया का उदय होने की भी चर्चा गर्म है। उनकी मेहनत रंग ला सकती है। सुर्ख़ियाँ ऐसी है की सूरज पुरब से उगता जिससे पश्चिम की ओर भी प्रकाशवान होता है।
इस बार वजीरगंज का लाल भी चुनावी मैदान में होगा। क्योंकि वजीरगंज के जन समस्याओं का समाधान करते हुए समूचित उत्थान मुख्य मुद्दा है।
वजीरगंज विधानसभा के दखिनगांव का लाल नेताभैया यानी चितरंजन कुमार चिंटूभैया भी चुनावी अखाड़े में होंगे।
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