पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जदयू की ली सदस्यता
दल की फैसले पर लड़ेंगे चुनाव
बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जदयू की सदस्यता हासिल कर लिया है। जदयू नेता ललन सिंह तथा अशोक चौधरी ने उन्हें सदस्यता ग्रहण करवाया। जदयू नेता ललन सिंह ने कहा गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल पाँच माह शेष बचा हुआ था परंतु उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृति लेकर जदयू की सदस्या ग्रहण कर लिया है। पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब जदयू परिवार का सदस्य हो चुके हैं। अब बंध गए जदयू की डोर में पूर्व डीजीपी पांडेय।
पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर ने कहा दल का जो फैसला होगा, तो चुनाव लड़ेंगे। परंतु अभी कुछ भी कहना उचित नहीं।
जाहिर हो इस तरह एक डीजीपी नेता बन जाता है। नेता बनने के लिए डीजीपी पद से वीआरएस ले ली। अब एक डीजीपी नेता बन नेतागीरी करेंगे। अब नेता रूपी गुण पूर्व डीजीपी के अंदर कौंधने लगा है। बदलते दौर में सिद्धांत से भटके हुए राजनीति की शरण लिया है एक डीजीपी।
क़ानून के पाठ पढ़ाने वाले डीजीपी राजनीति के वादा खिलाफी की दुनिया में कदम रखी है। जहाँ कथनी और करनी में आसमां ज़मीं का फ़र्क़ होता है।
नेतागीरी और आईपीएस अधिकारी की रूत्वा क्या होती है। वे दोनों स्थिति के नज़दीक से देखे हैं और झेले हैं। अब नई राह पर चले हैं, खुद के भरोसे को त्याग, औरों के भरोसे पर चलना कितना मुश्किल होता है, वे हीं जानें।
औरों के भरोसा, भरोसे भर होता है। वह टिकाऊ नहीं होता। वर्तमान परिवेश में राजनीति की कैसी स्थिति है जहान जानती है। स्वच्छ राजनीति का दौर बदल चुका है।
नेता बने पूर्व डीजीपी ने ली जदयू की सदस्यता। नेता बनने का उनका शौक़ पूरा हो गया।
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