बिहार में विधानसभा चुनाव का हुआ ऐलान
3 चरण में होगा मतदान
बिहार में आचार संहिता लागू
पहले चरण में 28 अक्टूबर को होगा चुनाव, दूसरे चरण में 3 नवंबर को मतदान और तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होगा। वहीं 10 नवंबर को होगा मतगणना।
इसी के साथ हीं बिहार में चुनाव आचार संहिता लागू। चुनावी माहौल में बिहार। राजनैतिक दलों में चुनावी सरगर्मी बढ़ी। सीट शेयरिंग तथा टिकट देने की प्रक्रिया में आई तेजी। टिकट के लिए मुख्यमंत्री आवास का नेतागण लगा रहे चक्कर। अब दिग्गज नेताओं का टूटेगा मौन। सीट शेयरिंग और टिकट लेन- देन का मामला सक्रियता के साथ चलेगा। टिकट के लिए कई नेतागण सीएम आवास का चक्कर काट रहे हैं। टिकट लेने में कौन सफल होते हैं, कौन असफल। राजनैतिक टिकटों के फाईनल होने का खेल शुरू हो चुका है। जल्द हीं चुनावी टिकट वितरण का पिटारा खोलेंगे नेतागण। ना जानूँ, इस बार भी युवाओं को टिकट मिलेगा या रिटायरमेंट वाले नेताओं को हीं टिकट मिलेगा। बिहार के राजनीति में युवाओं की भागीदारी की ज़रूरत है। तभी बिहार बदलेगा। क्योंकि ज़माना डिजिटल हो चुका है। पुराने नेता ब्लैक एंड लाईट के ज़माने का सुर- तान में हैं। युवाओं को राजनीति में भागीदारी देनी चाहिए, राजनैतिक पार्टियों को, तभी बिहार का संतुलित विकास होगा। टिकट बँटवारें की अनदेखी से हीं पता चल जाता है कि बिहार विकास की गति कैसी होगी। डिजिटल ज़माने में युवाओं को अधिकाधिक टिकट राजनैतिक दलों तथा पार्टियों देनी चाहिए। तभी चकाचक नया बिहार बनेगा।
इतना तो तय है कि सरकार में कई आसें नेता हैं जो ब्लौक एंड लाईट के ज़मीनें का हीं हैं, जबकि ज़माना तेजी से डिजिटल होता जा रहा है। ऐसे में युवाओं की हिस्सेदारी जरूरी है। दिग्गज नेताओं का आत्मबल अब चुनाव लड़ने की नहीं है। जो गहन विचारणीय तथ्य है। बदलते परिवेश में बिहार विकास के लिए युवाओं को स्थान देनी की आवश्यकता है।
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