गया जंक्शन पर आरक्षण केन्द्र का उद्घाटन

 गया जंक्शन पर 02 करोड़ की लागत से बने आरक्षण केन्द्र एवं अनारक्षित टिकट प्रणाली केन्द्र तथा प्लेटफार्म नंबर 6 एवं 7 पर 54 लाख की लागत से बने लिफ्ट का उद्घाटन किया

Advertisement

डाॅ॰ प्रेम कुमार, मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार ने गया जंक्षन को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित करने एवं माॅडल स्टेशन बनाने की पहल के तहत 02 करोड़ की लागत से नवनिर्मित यात्री आरक्षण प्रणाली एवं अनारक्षित टिकट प्रणाली केन्द्र तथा प्लेटफार्म 6 एवं 7 पर 54 लाख की लागत से बने लिफ्ट का उद्घाटन किया। गया जंक्शन पूर्व मध्य रेल मंडल के अन्तर्गत पड़ने वाला एक महत्वपूर्ण स्टेषन है जहाॅ वर्ष भर देष विदेश से लाखों तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में गया जिला के सांसद विजय मांझी भी जुडे़ और 100 करोड़ की लागत से बन रहे मेमू शेड के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक पंकज सक्सेना एवं अन्य रेलवे के पदाधिकारी रुपेश कुमार, आशीष मिश्रा, कृष्ण कुमार त्रिपाठी एवं श्रीवास्तव जी ने भाग लिया।

मंत्री ने अपने संबोधन में गया जिला के अन्तर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रेलवे मंत्री पियूष गोयल को धन्यवाद दिया जिनके मार्गदर्षन में एवं सहयोग से गया जंक्शन का चैतरफा विकास हो रहा है। गया जंक्शन पर 05 करोड़ की लागत से पुराने फूट ओवर ब्रिज को तोड़कर नये ब्रिज का निर्माण हो रहा है। 12 करोड़ की लागत से जंक्षन के डेल्हा साईड में यात्री सुविधाओं के विकास के लिये भवन, पार्किंग, सर्कुलेटिंग एरिया आदि का विकसित किया जा रहा है। 01 करोड़ 60 लाख की लागत से नये पानी टंकी का निर्माण हो रहा है। 35 लाख की लागत से पिलग्रिम प्लेटफार्म का विस्तार हो रहा है। आम दिनों में गया जंक्शन पर राजधानी सहित 71 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है। वर्तमान में कोरोना महामारी काल में कोविड-19 वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिये 08 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव ही हो रहा है। 

मंत्री द्वारा कोरोना संकट काल में रेलवे द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुॅचाने हेतु किये गये कार्य की सराहना किया और कहा कि उन्हे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में गया जंक्शन माॅडल स्टेशन के रुप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब होगा। उन्होने मंडल रेल प्रबंधक को सुझाव दिया कि गया की पहचान ज्ञान एवं मोक्ष की नगरी के रुप में है अतः जंक्शन पर भगवान श्रीहरिविष्णु के चरण की रिप्लिका और भगवान बुद्ध की मूर्ति का स्वरुप स्थापित करने से जंक्शन पर आने वाले यात्रियों को गया के इतिहास की झलक मिलेगी।

➖AnjNewsMedia➖

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!