विकास से वंचित बेलवे गाँव
गया जिले के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के करजरा पंचायत के बेलवे गांव के ग्रामीणों ने चुनाव आते ही वोट का बहिष्कार प्रदर्शन किया। विकास की रौशनी से कोसों दूर है करजरा पंचायत के बेलवे गांव में सड़क के निर्माण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने रोड नही तो वोट नहीं का तख्ती बैनर लेते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि विकास की रौशनी से यह गांव काफी पिछड़ा हुआ है। पिछले चुनाव में भी इस गांव के अधिकांश लोगों ने चुनाव में अपनी भागीदारी नहीं निभाई थी। इस गांव को प्रखंड मुख्यालय तथा स्थानीय बाजार से जोड़ने वाली सड़क सड़क कच्ची (जंजर) है। सड़क के पक्कीकरण नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया की विधायक, एमएलसी एवं सांसद चुनाव के समय अपना काम निकालने के बड़े-बड़े वादे किये, लेकिन अपने किये गये वादे पर एक खरा नहीं उतरे। यह गांव लगभग 200 लोगो की बस्ती है, सड़क नही रहने के कारण कई लोगो की जान भी चली है। गांव में जब कोई बीमार, डिलेवरी महिला को इलाज के ले जाना होता बहुत परेशनियों का सामना करना पड़ता है तो कई लोगों की जान भी जान चुकी है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा जहां सरकार आज चौमुखी विकास की बात करती है। वही इस पंचायत के लोग यातायात समस्या से आज भी जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा हम सब ग्रामीणों ने निर्णय लिया है। विकास नहीं तो वोट नहीं के मार्ग पर चल कर वोट का बहिष्कार किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर जन अधिकार पार्टी के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशी राजीव कुमार कन्हैया को जानकारी मिली तो ग्रामीणों से मिलने करजरा पंचायत के बेलवे गांव पहुंचे और ग्रामीणों से रूबरू हुए एवं उनकी समस्या को सुने। राजीव कुमार कन्हैया ने वहां के ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगर वे वजीरगंज विधानसभा से जीतते हैं, तो उनकी पहली प्राथमिकता होगी कि इस गाँव का सड़क निर्माण करना होगा, जिससे आम जनता का जीवन आसान हो जाये। श्री कन्हैया ने कहा कि यहां के लोगों ने वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया था जिस विषय को लेकर हमने इनसे मिलने का काम किया है। बहुत ही दुख का विषय है कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोलते हैं कि हरेक पंचायत में सड़क का निर्माण हुआ है, लेकिन स्थिति देखने के बाद पता चलता है कि विकास धरातल पर हुआ ही नहीं है। सिर्फ योजनाओं का शिलान्यास करके छोड़ दिया जाता है। लोकतंत्र में अगर मतदाता को मतदान करने से वंचित किया गया तो बड़ा ही लोकतंत्र के लिए खतरा है। ग्रामीणों में जो वोट बहिष्कार करने का जो निर्णय लिया है जिसको लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अब तक कराने का काम करेंगे। जिला प्रशासन को उदासीन रवैया के चलते ग्रामीण सड़क नहीं रहने से आक्रोशित है और वोट का बहिष्कार करने का मन बनाया है। ग्रामीणों ने कहा विकास नहीं तो वोट नहीं।
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