जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एसएम ने की अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण
कोविड-19 संक्रमण के नए वेरिएंट “ओमिक्रोन” के बचाव एवं सुरक्षा
गया: जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा आज अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण करते हुए मुख्य रूप से कोविड-19 संक्रमण के नए वेरिएंट “ओमिक्रोन” के बचाव एवं सुरक्षा हेतु ज़िला प्रशासन, गया द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
| अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम त्यागराजन |
अधीक्षक, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल के कार्यालय प्रकोष्ठ में बैठक कर तैयारी की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 121 बेड कोरोना के लिए मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) भवन पूरी तरह तैयार हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि 100 के करीब ऑक्सीजन फ्लोमीटर का क्रय कर लें। अधीक्षक द्वारा बताया गया कि एमसीएच में ही 20 बेड आईसीयू के हैं।
| अस्पताल का निरीक्षण किये डीएम त्यागराजन |
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेडिसिन डिपार्टमेंट के किसी एसोसिएट प्रोफेसर को कोरोना का नोडल पदाधिकारी बनाया जाए। साथ ही लैब टेक्नीशियन, वेंटिलेटर टेक्नीशियन, सफाई कर्मी, ट्रॉली मैन के लिए पहले से ही तैयारी कर लें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका सहयोग लिया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि कोविड-19 से संबंधित सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त संख्या में रखें।
| कोरोना ब्रेकिंग न्यूज़ |
कोरोना जांच की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि 3 आरटीपीसीआर मशीन कार्यरत हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन लगभग 3000 कोरोना जांच कराना सुनिश्चित करें। जिला पदाधिकारी द्वारा ऑक्सीजन जेनरेट प्लांट (ओजीपी) के 300 एलपीएम का निरीक्षण किया गया तथा 25,000 एलपीएम लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया गया। बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन प्लांट के देखरेख/ऑपरेट हेतु जिले में 8 तकनीशियन की पदस्थापन की गई है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी ऑक्सीजन प्लांट को बिल्कुल दुरुस्त रखें। साथ ही कुछ स्पेयर पार्ट्स को भी रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे बदला जा सके। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि बाजार से एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं क्रय करना पड़े, इसे तकनीशियन तथा प्रभारी पदाधिकारी सुनिश्चित करें। जिला पदाधिकारी द्वारा मातृ शिशु अस्पताल, इमरजेंसी वार्ड सहित अस्पताल के अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया गया।
बैठक में प्राचार्य एवं अधीक्षक, एएनएमएमसीएच, अपर समाहर्त्ता, जिला लोक शिकायत, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों के चिकित्सक एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकथाम
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकथाम एवं उससे बचाव हेतु ज़िला प्रशासन, गया द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देश तथा मास्क के प्रयोग एवं सामाजिक दूरी के साथ सभी आवश्यक कार्यों को निमित संचालन हेतु अनुमति दी गई है।
जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एस०एम० द्वारा जारी आदेश के आलोक में गया जिले को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने के उद्देश्य से लोगों के बीच अधिक से अधिक मास्क का प्रयोग एवं सामाजिक दूरी का अनुपालन कराया जाना आवश्यक है। आज दिनांक-08 जनवरी, 2022 को ज़िले के सार्वजनिक स्थानों पर मास्क जांच की आवश्यकता है, जिसके लिए जिले के सार्वजनिक स्थल, मॉल, दुकान, बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, थाना क्षेत्र, नगर परिषद क्षेत्र, प्रखंड मुख्यालय तथा यात्री बसों, तीन पहिया वाहन यथा ऑटो रिक्शा पर बैठे यात्रियों द्वारा मास्क का उपयोग का अनुपालन की जांच एवं वाहनों की जांच तथा दो पहिया वाहनों पर चालकों का हेलमेट जांच हेतु पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति विभिन्न क्षेत्रों में की गई है।
सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि आज दिनांक 8 जनवरी, 2022 को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थल, दुकान, बाजार एवं अन्य स्थलों तथा यात्री बसों एवं तीन पहिया वाहनों यथा ऑटो रिक्शा पर यात्रियों द्वारा मास्क का उपयोग का अनुपालन की जांच एवं वाहनों की जांच तथा दोपहिया वाहनों पर चालकों का हेलमेट जांच किया गया। यात्रियों द्वारा मास्क तथा दो पहिया वाहन चालक द्वारा हेलमेट का उपयोग नहीं किया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करेंगे एवं अनुपालन नहीं किए जाने पर संबंधित चालक एवं वाहन मालिक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
सभी अनुमंडल पदाधिकारी/अपर अनुमंडल पदाधिकारी/ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक/थाना अध्यक्ष, गया जिला को निर्देश दिया गया है कि उक्त निर्देशों का अपने-अपने क्षेत्रों में अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सभी अपर अनुमंडल पदाधिकारी/अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि मास्क का जांच प्रतिवेदन अपने अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों को कोरोना काल में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन का डीएम त्यागराजन ने दी गाइडलाइन
जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एस०एम० द्वारा विष्णुपद मंदिर जाकर मंदिर के प्रबंधकारिणी समिति से कोरोना काल में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन, साफ सफाई व्यवस्था, रौशनी व्यवस्था, विधि व्यवस्था इत्यादि विषयों पर बैठक कर जानकरी प्राप्त किया गया।
ज़िला पदाधिकारी द्वारा मंदिर परिसर जाकर बाहर से ही भगवान विष्णु को प्रणाम पर ज़िले के लिए अमन चैन एवं इस कोरोना जैसी आपदा से निपटने हेतु शक्ति एवं क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की गई।
उन्होंने प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों को निदेश दिया कि कोरोना संक्रमण के कारण सभी मंदिर एवं धार्मिक संस्थान बंद हैं, इसका अनुपालन दृढ़ता के साथ किया जाए ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके।
नीरा परियोजना की बैठक
जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एस०एम० की अध्यक्षता में नीरा परियोजना की बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमे मुख्य रूप से ताड़ी से नीरा निर्माण हेतु इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को जागरुक करने एवं प्रशिक्षण देने, जीविका के माध्यम से ताड़ी की खरीद करने तथा तापमान नियंत्रित कर उसे कॉम्फेड को देने, डीपीएम जीविका को समूह का गठन, प्रशिक्षण एवं उत्पादन प्रारंभ होने संबंधी कैलेंडर तैयार करने का निदेश दिया गया।
| DM Tyagrajan in Meeting |
जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि उनके नालंदा पदस्थापन काल में वर्ष 2017 में नीरा का अच्छा व्यवसाय किया गया था। उन्होंने डीपीएम, जीविका को निर्देश दिया कि वे फिलहाल 100 जीविका समूह का गठन करावे। साथ ही जनवरी फरवरी माह में समूह एवं ताड़ी व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों को प्रशिक्षण इत्यादि कार्य करें। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर नीरा बनाने का संकल्प लिया गया है। इस कार्य हेतु शीघ्र ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बैठक में उन्होंने गया शहर, मोहड़ा, नीमचक बथानी, मानपुर से आये हुए ताड़ी उतारने वाले समुदाय को बताया कि ताड़ी उतारना तथा ताड़ी पीना दोनों गैर कानूनी है। आप अपना मान सम्मान बढ़ाने तथा नीरा व्यवसाय के कार्य मे लग जाए, इससे आपको आमदनी भी होगी और आप सम्मान की ज़िंदगी बसर कर सकेंगे।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि ज़िले में लगभग 18 लाख से अधिक ताड़ का पेड़ है। ज़िला पदाधिकारी ने डीपीएम जीविका को निदेश दिया कि वे महिलाओ का क्लस्टर सेन्टर बनाए ताकि ताड़ी को निर्धारित स्थान पर संग्रह कर नीरा बनाने हेतु उसकी प्रोसेसिंग की जा सके।
बैठक में सहायक आयुक्त, मद्य निषेध, महाप्रबंधक, ज़िला उद्योग केंद्र, ज़िला जन सम्पर्क पदाधिकारी, ज़िला कृषि पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, डीपीएम जीविका, सभी बीपीएम जीविका सहित अन्य पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों से आए हुए ताड़ी व्यवसाय से जुड़े व्यक्ति शामिल थे।
धान अधिप्राप्ति से संबंधित जिला टास्क फोर्स की बैठक
जिला पदाधिकारी डॉ त्यागराजन एस०एम० की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति से संबंधित जिला टास्क फोर्स की बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निदेश दिया कि वे किसानों को निबंधन कराने का एक और अवसर दें, ताकि अधिक से अधिक किसान अपना धान बेच सकें। साथ ही उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निदेश दिया कि वे किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयक के माध्यम से किसानों को पैक्स/व्यापार मंडल के माध्यम से धान बेचने हेतु प्रेरित करें तथा किसानों को सहयोग करें।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 2.60 लाख मैट्रिक टन है, जिसमें से 94,822.97 एम०टी० धान की खरीद हुई है जो कुल लक्ष्य का 36% है। अब तक कुल 16,700 किसानों से खरीदारी की गई है तथा 87% भुगतान कर दिया गया है। 14,645 किसानों को भुगतान किया गया है, कुल 55845 किसान अब तक निबंधित हुए हैं।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निदेश दिया कि वे धान अधिप्राप्ति को बढ़ावें। बैठक में बताया गया कि 571 तथा 10,920 गैर रैयत से धान लिया गया।
बैठक में बताया गया कि कुछ किसानों का भुगतान लंबित है, जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निदेश दिया कि वे किसानों का भुगतान अविलंब करना सुनिश्चित करें।
जिला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि वे सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को धान अधिप्राप्ति कार्य में लगावें। निदेश दिया गया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा अपने प्रखंड अंतर्गत 5% गोदाम तथा पैक्स का निरीक्षण तथा सत्यापन किया जाना है। उसी प्रकार अनुमंडल पदाधिकारी को 2% गोदाम तथा पैक्स का निरीक्षण तथा सत्यापन करना है।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 327 पैक्स/व्यापार मंडल क्रियाशील है। बैठक में जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम को निदेश दिया गया कि वे धान को रखने हेतु गोदाम का चयन करें। साथ ही निजी गोदाम के लिए अनुमंडल पदाधिकारी/डी०सी०एल०आर० से सत्यापन अवश्य करा लें। बैठक में कुछ पैक्स अध्यक्ष शामिल थें जिनके द्वारा धान अधिप्राप्ति में समस्याओं को बताया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला जन-संपर्क पदाधिकारी, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम, सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, ए०जी०एम०, जिला कृषि पदाधिकारी एवं पैक्स अध्यक्ष उपस्थित थे।