Kavita Poem: पीएम मोदी के जीवन पर

होनहार मोदी 

आओ चलें ! कुछ लिखें,

बहुत दिनों से आ रही आरजू,

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कभी तो लिखें पीएम मोदी के लिए। 

Kavita Poem: पीएम मोदी के जीवन पर



ना राजनीति से लगाव,

ना मोदी भक्त ,

मालिक से कुछ सीखी,

लिखी हूँ उनके लिए कुछ शब्द।


कस्बे में जन्मा एक बालक,

गरीब माँ-पिता का हुआ उद्धारक,

गरीबी में पल कर प्रगति किया,

जग में खूब नाम किया।


होनहार को बढ़ने में,

बाधाओं को आने में,

हर पल आगे जाने में,

ना जाने कितने संकट।


धर्म का मान बढ़ाया,

370 को हटाया,

सर्जिकल स्ट्राईक ऐतिहासिक,

इतिहास के पन्ने में समाया।


दुनिया भर में घूमें

हिंदुस्तान में धूम मचाया,

जरा अलग हटकर,

हर घर में अलग पहचान दिया।


भारत माँ का वीर सपूत ,

अलग पहचान बना वह पूत,

आत्मनिर्भर भारत का दिया सिख,

निरंतर उड़ान देता वह पूत ।


माँ का आशीर्वाद हमेशा लेता,

भगवान की भरपूर भक्ति करता,

मोर- पपीहा, तोता- कोयल,

रखवाली का ध्यान रखता।


आया जब कोरोना काल,

दुनिया हुई त्राहिमाम,

भारत भी हुआ था लॉकडाऊन ।


अवतारी मानव बनकर,

ताली- थाली बजवाकर,

कोने-कोने में दिए जलवाकर,

लोगों का हिम्मत बढ़ाया।


गरीबों को दिया नि:शुल्क अनाज,

समय से टीका बनवाया,

मन की बात हमेशा कर,

किसानों से हुए भी रुबरू।


देशवासी को नि:शुल्क टीकाकरण,

सभी से हाथ जोड़कर विनती,

सबका साथ सबका विकास,

हो रहा हिन्दूस्तान का नाम ऊँचा।


ऐसे मलिक से,

सीखने की जरुरत,

उनकी बातों को,

अमल करें।


विषम परिस्थिति में भी,

वे सबके सुनते,

मोदीजी के नाम से जाने जाते।


भक्त को झेलनी पड़ती,

उनके ताने भी,

फिर भी भक्ति कम न होती,

वो मोदी के मतवाले ।

कवित्री : कृति  सागर, गया

Presentation by AnjNewsMedia 

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