Pitru Paksha Shradh Rituals | {मोक्षदायनी विष्णुपद मुख्य वेदी} | (सालोभर होता पूर्वजों का पिंडदान) | [Pitrupaksha Exclusive]- Anj News Media

Pitru Paksha Shradh Rituals | {मोक्षदायनी विष्णुपद मुख्य वेदी} | (सालोभर होता पूर्वजों का पिंडदान) | [Pitrupaksha Exclusive]- Anj News Media

Pitru Paksha Shradh : पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष के रूप में भी जाना जाता है। जो मूलतः मृत पूर्वजों को समर्पित हिंदू कैलेंडर में एक पखवाड़ा है। गयाजी में Pitrupaksha

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का बड़ा महत्त्व है। गयाजी में सालोभर Pinddaan का विधान है। जहां सालोभर अपने पितरो- पूर्वजों का पिंडदान श्रद्धापूर्वक किया जाता है। पिंडदान उपरांत पूर्वजों को सद्गति- मुक्ति मिलती है। 

Vishanupad Main Vedi : गयाजी में पिंडदान किये वगैर पूर्वजों को मुक्ति नहीं मिलती है, ऐसी धार्मिक प्राचीन मान्यता है। प्रभु विष्णुपद की नगरी पिंडदान का मुख्य स्थली है। विष्णुपद मुख्य पिंडदान वेदी है। इसके अलावे अन्य छोटी- छोटी वेदियां हैं। लेकिन मुख्य वेदी विष्णुपद मंदिर वेदी ही है। जहां प्रभु श्रीहर- श्रीहरि का चरण विरजमान है। मोक्षदायनी है गयाजी के विष्णुपद मुख्य वेदी। इस मुख्य वेदी का दर्शन- पूजन वरदान सा। जहां विष्णुभक्तों का कल्याण होता है। ऐसी धार्मिक मान्यता। 

पितृपक्ष, यह पक्ष मृतकों को याद करने और उनका सम्मान करने और उनकी आत्माओं को प्रार्थना और भोजन देने का समय होता है। जिससे पूर्वजों की आत्मा की शांति मिलती ही, सद्गति भी। जो धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है।  

Pitru Paksha Shradh Rituals | {मोक्षदायनी विष्णुपद मुख्य वेदी} | (सालोभर होता पूर्वजों का पिंडदान) | [Pitrupaksha Exclusive]- Anj News Media

Gayaji Bihar : पितृ पक्ष के अनुष्ठान एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होते हैं, लेकिन कुछ सामान्य प्रथाएं हैं। जिनका पालन अधिकांश हिंदू करते हैं।

Pitru Paksha in Hindi : सफाई:- पितृ पक्ष में सबसे पहले घर और आसपास की सफाई करनी चाहिए। यह अनुष्ठानों के लिए एक पवित्र स्थान बनाने के लिए किया जाता है।

स्नाना: अगला कदम स्नान करना है। यह अनुष्ठानों की तैयारी में शरीर और मन को शुद्ध करने के लिए किया जाता है।

नए कपड़े पहनना: पितृ पक्ष में नए कपड़े पहनने का रिवाज है। यह पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

पूजा: पितृ पक्ष का मुख्य अनुष्ठान पूर्वजों के लिए प्रार्थना करना है। यह मंत्रों और भजनों का पाठ करके और पूर्वजों का ध्यान करके किया जाता है।

भोजन प्रसाद: पूर्वजों को भी भोजन दिया जाता है, जो आमतौर पर घर में ही बनाया जाता है। भोजन आम तौर पर शाकाहारी होता है, और इसमें चावल, दाल, सब्जियां और फल शामिल हो सकते हैं।

पिंड: पिंड चावल के छोटे गोले होते हैं जो पूर्वजों को चढ़ाए जाते हैं। पिंडा चावल, जौ का आटा, घी और काले तिल को मिलाकर बनाया जाता है।

Gayaji Shradh : अन्न-वस्त्र दान करें पितृ पक्ष में गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करने की भी प्रथा है। यह पूर्वजों को उनकी अगली दुनिया की यात्रा में मदद करने के लिए किया जाता है।

Shradh Pitru Paksha : पितृ पक्ष हिंदुओं के लिए बहुत महत्व का समय है। यह मृतकों को याद करने और उनका सम्मान करने और उनकी शांति के लिए प्रार्थना करने का समय है। 

Pitru Paksha Puja : पितृ पक्ष के अनुष्ठानों का पालन करके, हिंदू अपने पूर्वजों के प्रति अपना सम्मान दिखा सकते हैं और उन्हें मोक्ष या मुक्ति प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं।

पितृ पक्ष अनुष्ठान करने के लिए यहां कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए गए हैं:

  • पूजा करने के लिए साफ और शांत जगह का चुनाव करें।
  • यदि संभव हो तो मंदिर या अन्य पवित्र स्थान में अनुष्ठान करें।
  • अनुष्ठान करने में आपकी सहायता के लिए एक पुजारी को आमंत्रित करें।
  • शुद्ध मन से पितरों को भोजन और जल अर्पित करें।
  • गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करें।
  • पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें।

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