VC- CM Bihar and DM Gaya : संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की समीक्षा

आपदा से बचाव की तैयारी


गया : मुख्यमंत्री, बिहार, की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के पूर्व तैयारियों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी पुलिस महानिरीक्षक, सभी जिला पदाधिकारी एवं सभी वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ की गई।

      समीक्षा के क्रम में आगामी बाढ़, अतिवृष्टि एवं सुखाड़ आपदा से बचाव की पूर्व तैयारी की समीक्षा संबंधित विभाग द्वारा कार्य योजना पर विस्तृत रूप से की गई एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

Advertisement

       आपदा प्रबंधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग , लघु जल संसाधन विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग , कृषि विभाग के द्वारा आगामी बाढ़, अतिवृष्टि एवं सूखाड़ आपदा से संबंधित कार्य योजना की विस्तार से जानकारी दी गयी।

     बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत केंद्र , खाद्यान्न वितरण , नाव की व्यवस्था, एनडीआरएफ , एसडीआरफ  की व्यवस्था , पशुचारा की व्यवस्था , पीने योग्य पानी की व्यवस्था , कटाव निरोधक कार्य , तटबंधों की निगरानी , बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली ,  कोविड-19 टेस्टिंग , वैक्सीनेशन , महामारी से बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव , सतत निगरानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था , सड़क एवं पुल पुलिया की मरम्मती , ऊंचा शरणस्थल का चयन , पॉलिथीन शीट   की समुचित व्यवस्था , आपातकालीन केंद्र , एंबुलेंस ,साफ सफाई, सूखा राशन वितरण , शरणार्थियों के लिए राहत केंद्र , सामुदायिक किचेन , स्वस्थ व्यवस्था आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

           गया जिले के समीक्षा के दौरान ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने बताया की अप्रैल माह में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक  देखा गया है। मई माह में 45 डिग्री तापमान आका गया है। अप्रैल माह में औसतन तापमान 41 डिग्री रहा है, मई में 38.2 रहा है। इस वर्ष पिछले वर्ष से 3:50 डिग्री तापमान ज्यादा है।

              भूगर्भ जल स्तर के समीक्षा के दौरान बताया कि गया जिला में औसतम 30.44 फ़ीट जल स्तर है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 1 फीट नीचे जलस्तर गया है तथा वर्ष 2019 में आज की तिथि में 43 फीट जलस्तर था। उन्होंने बताया कि गया जिले में 41  क्रिटिकल पंचायत चिन्हित किया गया है। संबंधित पंचायतों में विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा भ्रमण करते हुए चापाकल मरम्मत एवं नल जल योजना को चालू कराया गया है। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र में 19 वार्ड चिन्हित किए गए हैं, जहां जलापूर्ति सुचारू रहे उसके लिए लगातार नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में 297 टोला चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अतरी, नीमचक बथानी, वजीरगंज, बाराचट्टी एवं मोहनपुर प्रखंड शामिल है। इन सभी टोलो में पेयजल व्यवस्था हेतु विशेष निगरानी रखी जा रही है। 

              चापाकल सर्वेक्षण के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि इस वर्ष काफी अच्छी गुणवत्ता के साथ चापाकल का सर्वेक्षण कार्य किया गया है। इस वर्ष 6669 खराब चापाकल चिन्हित किए गए हैं, जिसमें 6605 को मरम्मत कराते हुए पानी चालू कर लिया गया है। पिछले वर्ष 3500 मरम्मत किये गए थे तथा वर्ष 2019 में 4200 चापाकल मरम्मत करवाए गए थे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के टोलो में 2779, सरकारी विद्यालयों में 452 चापाकल मरम्मत करवाए गए हैं, ताकि मिड डे मील, पानी के अभाव में बंद ना हो सके तथा जरूरत के हिसाब से पहाड़ी क्षेत्रों में कुल 91 नए चापाकल लगवाए गए हैं। 

         नल जल योजना के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों में नल जल योजना का संपूर्ण सर्वेक्षण करवाया गया है। मार्च के प्रथम सप्ताह में 552 अक्रियाशील योजनाओं को चिन्हित किए गए हैं, जिसमें वर्तमान में 130 अक्रियाशील बचे हुए हैं, शेष सभी को मरम्मत करवाते हुए जलापूर्ति चालू करवा लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज की तिथि में जो अक्रियाशील योजना का बंद रहने के कारण भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे जाना, विभिन्न सड़क निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान जलापूर्ति के पाइप लाइन को हानि/ टूटना शामिल है, जिसे संबंधित सड़क विभाग के एजेंसियों एवं पदाधिकारियों से संबंध स्थापित करते हुए तेजी से मरम्मत करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पेयजल से संबंधित शिकायत के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसमें अब तक 584 शिकायतें आए हैं। सभी शिकायतों को निष्पादन किया जा रहा है। अप्रैल माह में प्रत्येक दिन औसतम 35 से 40 शिकायतें आते थे, जो अब घटकर करके प्रतिदिन दो से तीन शिकायते आ रहे हैं। 

         गया नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 चापाकल मरम्मत करवाए गए हैं तथा पर्याप्त जगह स्टैंड पोस्ट तथा पियाऊ  लगवाए गए हैं। जरूरत के अनुसार पानी की शिकायत आने वाले वार्डो एवं टोलो में टैंकर के माध्यम से भी पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। 

         कैटल ट्रफ के समीक्षा के दौरान बताया गया कि 28 कैटल ट्रफ के विरुद्ध 25 कैटल ट्रफ कार्यरत है। तीन सोलर प्लेट खराब होने के कारण कैटल ट्रफ़ बंद है। दो-तीन दिनों के अंदर उसे मरम्मत कराते हुए चालू करवा दिए जाएंगे। 

          आपदा विभाग के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में अत्यधिक गर्मी रहने के कारण आगजनी की घटनाएं ज्यादा हुई है। पिछले वर्ष में कुल 22 घटना हुई थी, इस वर्ष 71 घटनाएं हुई हैं। साथ ही फसल क्षति 219 एकड़ हुए हैं तथा 22 पशु का मृत्यु हुई है तथा 70 झोपड़ी नष्ट हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी मामलों को बेहतर समन्वय करते हुए मुआवजा दिलवाने का कार्य कर लिया गया है। इसके साथ ही सुखाड़ को ध्यान में रखते हुए आकाशमिक फसल योजना से संबंधित प्रतिवेदन कृषि विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है।

          जलजमाव के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि गया जिले में बड़े बड़े नालों को साफ सफाई तेजी से करवाए जा रहे हैं। मानसरव नाला को विशेष रूप से साफ सफाई की व्यवस्था रखी गई है।

          हीटवेव के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि हीटवेव के लिए ज़िले में पूरी तैयारी रखी गई है। 32 जागरूकता वाहन द्वारा घूम घूम कर लोगों को हीटवेव से बचाव हेतु जागरूक करवाया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग तथा आपदा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की एडवाइजरी जारी किए गए हैं, जिस डिस्टिक एडमिनिस्ट्रेशन के सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण चिकित्सकों को भी ट्रेनिंग के माध्यम से जागरूक किया गया है ताकि हीटवेव के मरीज आने पर उन्हें किस तरह से उपचार किया जा सके। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल तथा मगध मेडिकल अस्पताल में हीटवेव से पीड़ित  मरीजों के लिए सभी पर्याप्त व्यवस्थाएं रखी गई है। सभी अस्पतालों में सेपरेट बेड रखे गए हैं। सभी प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध है। सभी एंबुलेंस में आइस बैग रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर हीट वेब वाले मरीजो में प्रयोग किया जा सके।

          वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में माननीय मुख्यमंत्री  बिहार ने गंगाजल पानी को गया जिला में लाने के पश्चात डोर टू डोर सप्लाई हेतु बिछाया जा रहे पाइपलाइन के संबंध में जानकारी प्राप्त किया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि गंगाजल का पानी लोगों को डोर टू डोर पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य करें। माननीय मुख्यमंत्री ने पाइप लाइन बिछाने के कार्य में मैन पावर बढ़ाकर अति शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला पदाधिकारी गया को लगातार इसका अनुश्रवण करने का निर्देश दिए। 

          वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर आयुक्त गया नगर निगम श्रीमती अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता , वरीय समाहर्ता आपदा , वरीय उप समाहर्ता अमित पटेल, जिला कृषि पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग  सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!